यह निवेश एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और घरेलू (इन-हाउस) एआई मॉडल विकसित करने पर खर्च किया जाएगा। इससे भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का पूरा स्वरूप बदल जाएगा। यह कोई सट्टा निवेश नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए किया गया एक अनुशासित निवेश है। इससे दशकों तक स्थायी आर्थिक मूल्य और रणनीतिक मजबूती मिलेगी।'
मुकेश अंबानी ने शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान एआई के भविष्य पर भी जोर दिया और कहा, 'एआई का सबसे अच्छा समय अभी आना बाकी है। एआई तकनीकें भारत में सबसे अधिक समृद्धि और अवसर पैदा करके एक नए युग की शुरुआत कर सकती हैं।' विश्व में चल रही बहसों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, "क्या एआई की शक्ति कुछ ही लोगों के हाथों में केंद्रित रहेगी या यह सभी के लिए अवसर का साधन बनेगी?" मुकेश अंबानी ने भारत को 21वीं सदी की एआई महाशक्ति बनाने के अपने संकल्प को दोहराया और इस निवेश को रिलायंस का अब तक का सबसे बड़ा और साहसिक कदम बताया।






