फ्रांस के बाद अब इटली में भी प्रदर्शन और विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। बढ़ती महंगाई और बिगड़ती सार्वजनिक सेवाओं और रक्षा बजट के विरोध में बड़े पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन हुए हैं। मिलान, बोलोग्ना, ब्रेशिया और ट्यूरिन जैसे बड़े शहरों समेत इटली के अधिकांश इलाकों में भारी विरोध प्रदर्शन हुए। हिंसक प्रदर्शनों में करीब 5 करोड़ यूरो या लगभग 4,400 करोड़ रुपये की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है और प्रदर्शनों को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

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इनमें से अधिकतर प्रदर्शन 'ज़ेन-अल्फा' पीढ़ी के लगभग 16 वर्ष की आयु के नाबालिग छात्रों द्वारा किए जा रहे हैं। उनका मानना है कि अमेरिका और नाटो के दबाव में सरकार शिक्षा की तुलना में हथियारों पर अधिक पैसा खर्च कर रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में इटली ने शिक्षा पर लगभग 97 अरब डॉलर खर्च किए, जबकि रक्षा पर 30 से 50 अरब डॉलर खर्च किए। छात्र इस नीति के विरोध में 'हथियार नहीं' के नारे लगा रहे हैं। असंतोष की यह आग आगामी 2027 के आम चुनावों को भी प्रभावित कर सकती है। इन विरोध प्रदर्शनों को बढ़ने से पहले शांत करना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

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सुरक्षा बल प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वैश्विक मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अब तक 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। विशेष रूप से, मिलान में 271 युवाओं को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से 32 को आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में 23 नाबालिग और 13 विदेशी नागरिक शामिल हैं।

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इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने इस पूरी घटना के लिए वामपंथी नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है। उनके अनुसार, इन्हीं वामपंथी नेताओं ने नाबालिगों को उकसाया है, जिसके कारण आगजनी की ऐसी घटनाएं घटी हैं। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि दंगाइयों और आपराधिक गिरोहों को बख्शा नहीं जाएगा। इटली के साथ-साथ पड़ोसी देश फ्रांस में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन हुए हैं, जहां रविवार को 1,500 से अधिक दुकानों और संपत्तियों में आग लगा दी गई।

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इटली में बिगड़ती स्थिति के मद्देनजर, भारतीय दूतावास ने वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक तत्काल सलाह जारी की है। इस सलाह में भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने, भीड़भाड़ वाले इलाकों और विरोध प्रदर्शन स्थलों से दूर रहने और स्थानीय खबरों पर नजर रखने की पुरजोर सिफारिश की गई है।

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इस आपात स्थिति में, भारतीय नागरिक निम्नलिखित आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। रोम स्थित भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर +39 331 614 2085 और मिलान स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर +39 388 164 7527 जारी किया है। दूतावास ने इस बात पर जोर दिया है कि किसी भी कठिनाई की स्थिति में, भारतीय नागरिकों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए और उनसे सीधे संपर्क करना चाहिए।